NATURE-प्रकृति
Heaven
above was blue and earth beneath was green; the rivers glistened like a
path of diamonds in the sun; the birds poured forth their songs from
the shady trees; the lark soared high above the waving corn and the
deep buzz of insects filled the air.
स्वर्ग ऊपर नीला था और धरती नीचे हरी थी; नदियाँ सूरज की रौशनी में हीरों के रास्ते जैसी झिलमिला रही थी; पंछी छायादार पेड़ों से लगातार अपने गीतों की तान छेड़े हुए थे; लवा पक्षी लहराते हुए मक्कों के ऊपर ऊंचाई पर मंडरा रहे थे और हवा कीटों के घने गुंजन से भरी हुई थी।
स्वर्ग ऊपर नीला था और धरती नीचे हरी थी; नदियाँ सूरज की रौशनी में हीरों के रास्ते जैसी झिलमिला रही थी; पंछी छायादार पेड़ों से लगातार अपने गीतों की तान छेड़े हुए थे; लवा पक्षी लहराते हुए मक्कों के ऊपर ऊंचाई पर मंडरा रहे थे और हवा कीटों के घने गुंजन से भरी हुई थी।
A
man has bright future if he spends less time proving that he can outwit
nature and more time tasting her sweetness and respecting her
seniority.
एक व्यक्ति का भविष्य उज्जवल होगा अगर वह इस बात को सिद्ध करने में कम समय खर्च करे कि वह प्रकृति से ज्यादा होशियार है और ज्यादातर समय उसकी मधुरता का रसास्वादन करने और उसकी वरिष्ठता का सम्मान करने में खर्च करे।
एक व्यक्ति का भविष्य उज्जवल होगा अगर वह इस बात को सिद्ध करने में कम समय खर्च करे कि वह प्रकृति से ज्यादा होशियार है और ज्यादातर समय उसकी मधुरता का रसास्वादन करने और उसकी वरिष्ठता का सम्मान करने में खर्च करे।
Climb
the mountains and get
their good tidings. Nature's peace will flow into you as sunshine flows
into trees. The winds will blow their own freshness into you, and the
storms their energy, while cares will drop away from you like the
leaves of Autumn.
पर्वतों पर चढिये और उनका उत्तम सन्देश पाइये। कुदरत की शांति आपमें उसी तरह से आएगी जैसे धूप पेड़ों में प्रवाहित होती है। हवाएँ अपनी खुद की ताजगी आपके अन्दर फूँक देंगी और तूफान अपनी ताकत, जबकि चिंताएँ आपसे शरद ऋतु की पत्तियों की तरह दूर हो जाएँगी।
पर्वतों पर चढिये और उनका उत्तम सन्देश पाइये। कुदरत की शांति आपमें उसी तरह से आएगी जैसे धूप पेड़ों में प्रवाहित होती है। हवाएँ अपनी खुद की ताजगी आपके अन्दर फूँक देंगी और तूफान अपनी ताकत, जबकि चिंताएँ आपसे शरद ऋतु की पत्तियों की तरह दूर हो जाएँगी।
-
John Muir जॉन
मुइर






0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें